5/18/2009

समानता

घड़ी और मनुष्य में
बहुत समानता है

घ़ड़ी भी चलती है
मनुष्य भी

घड़ी की तीन सुइयों के समान
बचपन, जवानी और बुढ़ापा है

सेकण्ड की सुई
साँसों के समान
अनवरत चलती है
टिक-टिक की आवाज
दिल की धड़कन सी लगती है

संयोग है कि
घ़ड़ी को मनुष्य चलाता है
लेकिन
सत्यता इसके विपरीत है
घड़ी ही मनुष्य को चलाती है

एक समय आता है
चलते-चलते घड़ी रुक जाती है
और
मनुष्य भी... ।
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संजय परसाई की एक कविता



यदि कोई कृपालु इस सामग्री का उपयोग करें तो कृपया इस ब्लाग का सन्दर्भ अवश्य दें । यदि कोई इसे मुद्रित स्वरूप प्रदान करें तो कृपया सम्बन्धित प्रकाशन की एक प्रति मुझे अवश्य भेजें । मेरा पता है - विष्णु बैरागी, पोस्ट बाक्स नम्बर-19, रतलाम (मध्य प्रदेश) 457001

कृपया मेरे ब्लाग ‘एकोऽहम्’ http://akoham.blogspot.com पर भी नजर डालें।

20 comments:

  1. रचना और आप का ब्लाग अच्छा लगा...बहुत बहुत बधाई....

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  2. काफी समय से आपके ब्लॉग पर कोई हलचल नहीं हुई. शायद व्यस्त रहे हों. आशा करता हूँ कि सब कुछ ठीक-ठाक है,

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  3. आपकी कविता यथार्थ के बिलकुल करीब है |

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  4. बहुत ही सुन्दर कविता. बधाई.

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  5. बहुत सुन्दर अभिव्यक्ति...हार्दिक बधाई.

    ________________________
    'शब्द-शिखर' पर ब्लागिंग का 'जलजला'..जरा सोचिये !!

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  6. तुलना अच्छी लगी।
    इस देशा में हमने सोचा नहीं था।
    शुभकामनाएं
    जी विश्वनाथ

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  7. सुन्दर सादृश्य-विधान...उपमाएँ!

    घड़ी में से भी संजय बाबू ने कविता निकाल ली...यही तो कवि की अपनी अनूठी दृष्टि होती है!

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  8. आपके जीवन में बारबार खुशियों का भानु उदय हो ।
    नववर्ष 2011 बन्धुवर, ऐसा मंगलमय हो ।
    very very happy NEW YEAR 2011
    आपको नववर्ष 2011 की हार्दिक शुभकामनायें |
    satguru-satykikhoj.blogspot.com

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  9. बहुत सुन्दर अभिव्यक्ति| हार्दिक बधाई|

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  10. happy holi, happy holi


    होली है
    होली की हार्दिक शुभकामनायें
    manish jaiswal
    Bilaspur
    chhattisgarh

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  11. बहुत ही अच्छा पोस्ट है !मेरे ब्लॉग पर आये ! हवे अ गुड डे !
    Music Bol
    Lyrics Mantra
    Shayari Dil Se

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  12. mujhe bhi rachna aur blog dono achchhe lage, follow karna pada..:)
    barabar aaunga...

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  13. Very Nice
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    Kalmadi visits Antique shop (owned by Ronie, the naughty fellow).

    Kalmadi : I’m looking for something “unique” to be kept in my Drawing………. make others envious…..U know..... (winks).

    Ronie : Ok, Ok Sir, I got it……(assures and goes to Store Room; after a while, returns with “something” beautifully wrapped in a gift pack).

    Ronie : This is the only piece left…………SPECIALLY FOR YOU.
    Kalmadi wanted to see it before parting Rs.50,000/- but Ronie won’t allow fearing leakage of its secrecy/uniqueness……instructs Kalmadi not to open it before reaching home. Finally Kalmadi makes payment and comes home wondering about the content. At home, he opens the pack.

    Kalmadi : What nonsense…….."old dusty leather sleeper and that too a single piece” ?


    (Immediately makes a Call to Ronie who asks him to read the letter attached with it)

    Letter goes this way :-

    “This is a unique sleeper which was hurled at former corrupt CWG Official Kalmadi in the Court complex in New Delhi."

    HA HA HA ! ! !

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  14. सुन्दर और सार्थक तुलना !

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  15. बहुत ही उम्दा रचना...बधाई....

    गौ माता के लिए कुछ करने की दृष्टि से एक मंच का निर्माण हुआ

    आप भी सादर आमंत्रित है.....पधारियेगा....

    गौ वंश रक्षा मंच



    gauvanshrakshamanch.blogspot.com

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  16. घड़ी की तीन सुइयों के समान
    बचपन, जवानी और बुढ़ापा हैघड़ी की तीन सुइयों के समान
    बचपन, जवानी और बुढ़ापा है

    बहुत सुंदर तुलना की है परसाई जी ने ....

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